किसान और व्यापारी भाइयो सरसो के बाजार में 50 से 100 रूपये की हलकी मुनाफावसूली के बाद कल बाजार में जोरदार वापसी की है कल कल में सरसो का भाव 75 से 150 रूपये तक तेज देखने को मिला है जिससे कल जयपुर मंडी में सरसो का भाव 75 रूपये की तेजी के साथ 7925 पर फूंक गया वहीं दूसरी तरफ भरतपुर मंडी में 150 रूपये की तेजी के साथ 7500 पर पहुंच गया है और सलोनी प्लांट पर भी सरसो के भाव में 100 रूपये की तेजी दर्ज की गई और भाव 8675 पर पहुंच गया है पिछले सात दिनों के अनादर सरसो का भाव 300 से 400 रूपये तक बढ़ चूका है

इसके साथ कल सरसों तेल के बाजार में कल मिला-जुला (मिश्रित) रुख देखने को मिला, जहाँ कहीं कीमतों में बढ़त रही, कहीं मंदी आई तो कई जगहों पर भाव बिल्कुल स्थिर बने रहे सरसों तेल एक्सपेलर प्रति 10 किलो में जयपुर का भाव ₹6 की तेजी के साथ ₹1521 पर पहुँचा, जबकि दिल्ली और चरखी दादरी दोनों जगह ₹10 की मंदी के साथ भाव क्रमशः ₹1530 और ₹1515 रहे, वहीं मुरैना का बाजार ₹1530 पर पूरी तरह स्थिर रहा। दूसरी तरफ, सरसों तेल कच्ची घानी के दामों में जयपुर और बूंदी दोनों जगहों पर ₹6 की बढ़त देखी गई जिससे भाव ₹1541 पर पहुँच गए, साथ ही गंगापुर, हिण्डौन और दौसा में भी ₹1 की मामूली तेजी के साथ भाव ₹1532 दर्ज किए गए, जबकि अलवर में ₹1550, गंगानगर में ₹1565 और भरतपुर में ₹1550 के स्तर पर कीमतें बिना किसी बदलाव के स्थिर बनी रहीं। सरसों खल के बाजार पर नजर डालें तो कल इसमें भी हल्की मजबूती देखने को मिली है, जहाँ अलवर और खैरथल दोनों जगहों पर खल का भाव ₹50 की तेजी के साथ ₹3200/3250 पर रहा, गंगापुर सिटी हस्ती एग्रो में भी ₹50 की बढ़त के साथ भाव ₹3300/3350 तक पहुंच गया, और चरखी दादरी में सरसों खल ₹20 तेज होकर ₹3160 पर बंद हुई; वहीं सुमेरपुर में ₹3301, मुरैना मंडी में ₹3350 और भरतपुर में ₹3300 के स्तर पर कीमतें स्थिर रहीं,
जबकि जयपुर में ₹20 की मामूली मंदी दर्ज की गई और वहां भाव ₹3150 पर आ गया। सरसों के बाजार में आई तेजी से जयपुर मंडी में सरसों का भाव वापस से 8000 के स्तर की तरफ बढ़ता दिखाई दे रहा है। हालाँकि 600 से 700 की बड़ी तेजी को देखते हुए करेक्शन कम आया, कीमतें 100 से 150 रुपये तक और गिरनी चाहिए थीं, जिससे आगे के लिए और अच्छा सुधार देखने को मिलता। लेकिन विदेशी मार्केट और खाद्य तेलों पर आयात ड्यूटी बढ़ाने की खबरों से मार्केट फिर उठ खड़ा हुआ और कल कल में ही भाव 75 से 150 रुपये तक तेज हो गए। इस समय बाजार में अब एक करेक्शन की जरूरत महसूस हो रही है क्योंकि ऊंचे स्तरों पर स्टॉकिस्टों ने अपनी सक्रियता थोड़ी कम कर दी है, जिसे अब मिलर्स की लगातार आ रही मांग से बाजार को सपोर्ट मिल रहा है। कुल मिलाकर देखा जाए तो सरसों की जड़ों में कोई मंदी नहीं है, इसलिए अगर आने वाले दिनों में भाव ₹100-₹150 प्रति क्विंटल घटते भी हैं, तो निचली कीमतों पर नई खरीदारी का समर्थन मिलने से आगे इसमें और अच्छी बढ़त देखने को मिल सकती है। और इस सीजन सरसों के स्टॉक में आई कमी को देखते हुए यह रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती है। बाकी व्यापार अपने विवेक से करे