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सरसो के बाजार में आगे भी तेजी का दौर जारी रहने की संभावना

किसान और व्यापारी भाइयों, तेल मिलों की मजबूत मांग और आवक में आई गिरावट से इस हफ्ते सरसों की कीमतों में 100 से 200 रुपये तक की तेजी दर्ज की गई है। सरसों तेल और खल में भी अच्छी डिमांड बनी रहने से सरसों की लगातार मांग बनी हुई है। जयपुर मंडी में इस हफ्ते घट-बढ़ के साथ 100 रुपये की तेजी दर्ज की गई है और शनिवार को भाव 8000 पर बंद हुआ, लेकिन इसी बीच 8075 तक भी पहुँचा था। पर मुनाफावसूली के चलते हफ्ते के अंत में 75 रुपये की गिरावट दर्ज की गई। इसी तरह भरतपुर मंडी में 130 रुपये की तेजी दर्ज की गई और भाव 7580 पर बंद हुआ; सुमेरपुर मंडी में 70 रुपये की तेजी के साथ भाव 7850 पर पहुँचा; चरखी दादरी मंडी में 225 रुपये की तेजी के साथ भाव 7825 पर पहुँचा। प्लांटों पर नजर डालें तो प्लांटों के भाव में भी 100 से 200 रुपये तक की तेजी दर्ज की गई है। सलोनी प्लांटों में सरसों 200 रुपये तेज होकर 8850 पर बंद हुई और गोयल कोटा प्लांट पर 100 रुपये की तेजी के साथ 7900 पर बंद हुई। कुल मिलाकर इस हफ्ते के अंत में मुनाफावसूली आने के बाद भी 100 से 200 रुपये की मजबूत तेजी दर्ज की गई है।

सरसों तेल में इस सप्ताह भी लगभग 15 से 30 रुपये प्रति 10 किलो की तेजी आई है। जैसा कि हमने आपको बताया था कि सरसों तेल का भाव 1600 के आंकड़े पर पहुंच सकता है और वही हुआ, हमारे द्वारा दिया गया टारगेट इस हफ्ते हासिल हो गया है। हमारा मानना है कि इन कीमतों से 50 से 60 रुपये प्रति 10 किलो तक की और तेजी बन सकती है, हालांकि बीच-बीच में मुनाफावसूली होती रहेगी। हमने आपको अपनी पिछली रिपोर्ट में यह भी बताया था कि सरसों तेल आगे चलकर सोया तेल से बड़े प्रीमियम पर काम करेगा। फिलहाल सरसों तेल और सोया तेल के बीच करीब 100 रुपये प्रति 10 किलो का अंतर है, जो आगे चलकर 150-200 रुपये प्रति 10 किलो तक पहुंच सकता है। सरसों तेल की कीमतों पर नजर डालें तो इस हफ्ते जयपुर में सरसों तेल एक्सपेलर का भाव 24 रुपये तेज होकर 1555 पर पहुंचा और कच्ची घानी तेल में भी 24 रुपये की तेजी के साथ 1575 प्रति 10 किलो पर पहुंच गया है। दिल्ली में एक्सपेलर तेल 20 रुपये तेज होकर 1570 पर पहुंचा, चरखी दादरी में एक्सपेलर तेल 30 रुपये तेज होकर 1555 पर पहुंचा, श्री गंगानगर में कच्ची घानी सरसों तेल 25 रुपये की तेजी के साथ 1600 पर पहुंचा, भरतपुर में कच्ची घानी सरसों तेल 30 रुपये की तेजी के साथ 1590 पर पहुंचा। फिलहाल बाजार में हल्की मुनाफावसूली आ सकती है,

लेकिन आगे फिर तेजी बनने की पूरी उम्मीद है। पिछले हफ़्ते के सीमित उतार-चढ़ाव के बाद इस हफ़्ते सरसों खल की कीमतों में 100 से 150 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी दर्ज की गई है। निर्यात मोर्चे पर नज़र डालें तो भारत से ऑयलमील निर्यात में 2025-26 में 13% की गिरावट आई, चीन बना सबसे बड़ा खरीदार। वित्त वर्ष 2025-26 (अप्रैल-मार्च) में यह 13% घटकर 37.69 लाख टन रह गया, जो पिछले वर्ष 43.42 लाख टन था। मार्च 2026 में निर्यात 33% घटकर 2.75 लाख टन रहा। लेकिन यह गिरावट सोयामील की वजह से देखने को मिली है क्योंकि घरेलू कीमतें काफी ऊंची हो गई हैं। 2025-26 में चीन ने 8.78 लाख टन ऑयलमील आयात किया, जिसमें 8.71 लाख टन रेपसीड मील (सरसों DOC) शामिल रहा। कनाडाई कैनोला मील पर चीन के 100% आयात शुल्क से भारत को बड़ा फायदा मिला है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अभी भी सरसों DOC की मांग बनी हुई है। दूसरी तरफ़ घरेलू बाजार में पशुआहार वालों की जबरदस्त डिमांड के चलते सरसों खल की कीमतें 3500 के पास पहुंच गई हैं। भरतपुर में इस हफ़्ते 175 रुपये की तेजी के साथ सरसों खल का भाव 3475 पर पहुंच गया है, जयपुर में 120 रुपये की तेजी के साथ 3280 पर पहुंचा और चरखी दादरी में 100 रुपये की बढ़त के साथ 3270 पर पहुंचा। फिलहाल सरसों खल की कीमतों में अभी तेजी जारी रहने की संभावना है और निकट अवधि में जल्द ही 3500 का स्तर छू सकता है और लंबी अवधि में 4000 तक जाने की संभावना है। सरसों का भाव इस समय अपने 4 साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुका है, जहाँ बाजारों में माल की कम सप्लाई और खल व तेल की बढ़ती मांग की वजह से तेजी लगातार बरकरार है इस हफ्ते की शुरुआत में ऑल इंडिया सरसो की आवक 8 लाख बोरी की दर्ज की गई थी जो शनिवार तक 1.5 लाख बोरी घटकर 6.5 लाख बोरी पर रह गई है और इसमें अभी 1 से ढेड़ लाख बोरी की और गिरावट आने की उम्मीद है वहीं अगर स्टॉक की तुलना पिछले साल से करें तो इसमें साफ कमी नजर आ रही है और सरकार के पास भी कोई पुराना स्टॉक न होने के कारण फिलहाल सरसों में किसी बड़ी मंदी की कोई गुंजाइश नहीं दिखती है। एक अच्छी बात यह है कि इस साल सरसों का बाजार हर हफ्ते ₹200 से 300 की तेजी दिखाने के बाद थोड़ा-बहुत करेक्शन 100-150 रूपये कम होकर आगे बढ़ रहा है, जिससे इसकी पकड़ और जड़ें काफी मजबूत हो रही हैं, इसलिए आगे भी इसी रणनीति के साथ तेजी का यह दौर जारी रहने की पूरी उम्मीद है, जिसमें जयपुर मंडी में सरसो का भाव पहले ₹8250 तक जाने की संभावना है और अगर यह ₹8250 के स्तर के ऊपर टिक गया, तो आगे तेजी का रुख बढ़कर ₹8650 तक भी देखने को मिल सकता है। बाकी व्यापार अपने विवेक से करे।

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