हमसे जुड़ने के लिए व्हाट्सएप चैनल को ज्वाइन करें Join Now

मई महीने में सरसों बाजार 600 से 700 रूपये तेज हुआ

किसान और व्यापारी भाइयों, मई 2026 का यह महीना सरसों के बाजार के लिए बहुत ही लाजवाब साबित हुआ है, जहाँ तेल मिलों की ताबड़तोड़ खरीदारी और तैयार माल की भारी डिमांड के चलते सरसों की कीमतों में लगातार जोरदार उछाल देखा जा रहा है; इसी वजह से महीने की शुरुआत से लेकर अब तक राजस्थान की मुख्य मंडियों में भाव ₹600 से ₹700 प्रति क्विंटल तक बढ़ चुके हैं, जबकि हरियाणा की मंडियों में तो यह तेजी ₹800 से ₹900 तक जा पहुँची है। अगर अलग-अलग मंडियों के आंकड़ों पर नज़र डालें, तो जयपुर मंडी में 1 मई को जो सरसों ₹7,300 पर थी, वह बुधवार को बढ़कर ₹7,900 पर बंद हुई यानी महज 20 दिनों में ही ₹600 की बड़ी मज़बूती आ गई, वहीं भरतपुर मंडी में भाव ₹6,900 से बढ़कर ₹7,475 तक पहुँच गया जहाँ ₹575 की तेजी दिखी, सुमेरपुर मंडी में भाव ₹7,111 से बढ़कर ₹7,810 होने से करीब ₹700 का उछाल दर्ज हुआ, और इसके साथ ही हरियाणा की चरखी दादरी मंडी में ₹925 व सिवनी मंडी में ₹875 प्रति क्विंटल की बेहद शानदार तेजी देखने को मिली है।

प्लांटों की खरीद पर नजर डालें तो वहां भी लगातार मजबूती का माहौल बना हुआ है, जहाँ गोयल कोटा प्लांट में 1 मई को सरसों का भाव ₹7,200 था, जो बुधवार तक ₹600 बढ़कर ₹7,800 पर पहुंच गया, जबकि सलोनी शमसाबाद प्लांट में भी 1 मई को भाव ₹7,925 था और बुधवार तक ₹675 की शानदार तेजी के साथ ₹8,600 के स्तर पर पहुंच गया, जिससे यह साफ तौर पर पता चलता है कि बड़ी तेल मिलें लगातार ऊंचे दामों पर सरसों खरीद रही हैं और बाजार की बुनियाद बहुत मजबूत बनी हुई है। पूरे मई महीने के दौरान सरसों तेल के बाजार में लगातार जबरदस्त तेजी देखने को मिली है, जिसके चलते सरसों तेल एक्सपेलर और कच्ची घानी दोनों के दामों में अब तक ₹100 से ₹150 प्रति 10 किलो तक का बड़ा उछाल आ चुका है; अगर बुधवार के भावों पर नज़र डालें तो सरसों तेल एक्सपेलर जयपुर में ₹20 की बढ़त के साथ ₹1,531, दिल्ली में ₹10 तेज होकर ₹1,560, चरखी दादरी में ₹10 बढ़कर ₹1,540 और मुंबई में ₹70 की भारी तेजी के साथ ₹1,550 पर रहा, वहीं कच्ची घानी तेल भी जयपुर और बूंदी में ₹20 बढ़कर ₹1,551, अलवर में ₹20 की तेजी के साथ ₹1,570, कोटा व गंगानगर दोनों जगह ₹20 के उछाल के साथ ₹1,580 तथा भरतपुर में ₹15 तेज होकर ₹1,565 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया, जिसे देखते हुए बाजार के जानकारों का मानना है कि तेल के दाम अब ₹1,550 के स्तर पर पहुंच चुके हैं और आने वाले दिनों में ₹40 से ₹50 प्रति 10 किलो की और बढ़त के साथ ₹1,600 के आंकड़े तक पहुँच सकते हैं। सरसों खल के बाजार में भी इस समय जबरदस्त तेजी का माहौल है, जहाँ पशु आहार (कैटल फीड) बनाने वाली कंपनियों की तगड़ी मांग के चलते मई महीने में अब तक इसके दाम ₹200 से ₹300 प्रति क्विंटल तक उछल चुके हैं और फिलहाल प्रति 100 किलो सरसों खल के भाव जयपुर में ₹3,225, भरतपुर में ₹3,300, सुमेरपुर में ₹3,275 और चरखी दादरी में ₹3,160 चल रहे हैं। हालांकि, घरेलू स्तर पर इसकी मांग लगातार मजबूत बनी हुई है,

लेकिन ऊंचे दामों की वजह से विदेशों से आने वाली मांग फिलहाल थोड़ी सुस्त है, फिर भी जानकारों का मानना है कि अगर पशु आहार उद्योग की तरफ से खरीदारी इसी रफ्तार से चलती रही, तो सरसों खल का अगला भाव ₹3,500 प्रति क्विंटल तक पहुँच सकता है। अगर सरसों के आगे के बाजार की बात करें तो जानकारों का मानना है कि मई महीने में आई इस एकतरफा तेजी के बाद कीमतों में ₹150 से ₹200 प्रति क्विंटल तक की एक गिरावट (करेक्शन) आ सकती है, जो बाजार की सेहत के लिए अच्छी ही मानी जाएगी क्योंकि इससे आगे की तेजी को एक मजबूत आधार मिलेगा। सरसों के बुनियादी हालात अभी भी पूरी तरह मजबूत हैं और कुल मिलाकर आगे बाजार में ₹300 से ₹400 प्रति क्विंटल की और तेजी आने की पूरी गुंजाइश बनी हुई है; हालांकि बीच-बीच में मुनाफा कमाने के लिए होने वाली बिकवाली (मुनाफावसूली) से हल्की-फुल्की मंदी आ सकती है, लेकिन उसे खरीदारी का एक बेहतरीन मौका समझा जाना चाहिए।

हमारा अनुमान है कि इस मामूली उतार-चढ़ाव के बाद जयपुर मंडी में सरसों के भाव ₹8,000 प्रति क्विंटल के स्तर को भी पार कर सकते हैं, और उसके बाद भी तेजी का यह दौर थमेगा नहीं क्योंकि अब मंडियों में सरसों की आवक धीरे-धीरे कम होने लगेगी, ऊपर से पिछले साल के मुकाबले सरसों का कुल स्टॉक भी काफी कम है और जो माल बचा हुआ है वह मजबूत व्यापारियों व किसानों के हाथों में है। इसलिए किसान और व्यापारी भाइयों को घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, क्योंकि कुल मिलाकर सरसों, तेल और खल तीनों ही बाजारों के मजबूत हालातों को देखते हुए आने वाले समय में तेजी का माहौल पूरी तरह जारी रहने की संभावना है। बाकी व्यापार अपने विवेक से करे।

Leave a Comment