किसान और व्यापारी भाइयो कल चना के बाजार में जबरदस्त उछाल देखने को मिला, जहाँ स्टॉक की कमी, मंडियों में कम आवक और दाल मिलों व स्टॉकिस्टों की लगातार खरीदारी से माहौल पूरी तरह से बढ़त की तरफ बना हुआ है खासकर दिल्ली के लॉरेंस रोड बाजार में बिकवाली बेहद कम और मांग मजबूत होने से कल भाव करीब ₹150 उछलकर शेखावाटी लाइन के लिए ₹5975/6000, राजस्थान लाइन के लिए ₹5950/5975 और एमपी लाइन के लिए ₹5925/5950 तक जा पहुँचे, और हालात ऐसे ही रहे तो एमपी व राजस्थान का चना भी जल्द ₹6000 का आंकड़ा पार कर जाएगा। दिल्ली के अलावा अन्य मंडियों में भी शानदार तेजी रही, जिसमें जयपुर बिल्टी चना ₹150 की तेजी के साथ ₹5950, कटनी बिल्टी देसी चना व कांटा भाव ₹150 बढ़कर क्रमशः ₹6000 और ₹6050, कानपुर में यूपी व एमपी लाइन चना ₹100 बढ़कर ₹5950, कोटा में ₹110 की बढ़त के साथ ₹5200/5560, सिवानी में ₹100 तेज होकर ₹5625, और अशोकनगर में ₹150 के उछाल के साथ भाव ₹5700/5900 तक पहुँच गए। इसी तरह बीकानेर डिलीवरी चना ₹125 बढ़कर ₹5650/5675 व पीला चना ₹100 तेज होकर ₹5800/5825 रहा, अहमदनगर में देसी ₹5500, चापा ₹5600 व मोसमी ₹5700 पर ₹100-₹100 महंगे हुए, बारां में ₹100 की बढ़त के साथ ₹5200/5600, किशनगढ़ में ₹200 की बड़ी तेजी के साथ ₹5400/5550, बीकानेर किसानी चना ₹150 बढ़कर ₹5400/5550 व गोदाम चना ₹100 बढ़कर ₹5400/5500, विदिशा में ₹150 की तेजी के साथ ₹5500/5850, इंदौर में विशाल चना बिल्टी ₹100 बढ़कर ₹5900/5950
जबकि कांटा भाव ₹6000 पर टिका रहा, और रायपुर में लोकल चना ₹150 की बढ़त के साथ ₹6000/6025 व महाराष्ट्र लाइन चना ₹200 की भारी तेजी के साथ ₹6125/6150 के स्तर पर बंद हुआ। चना बाजार में आई मौजूदा तेजी केवल किसी अफवाह या हवा-हवाई बातों की वजह से नहीं है, बल्कि इसके पीछे बहुत मजबूत और असली कारण हैं, यही वजह है कि पिछले कुछ दिनों में ही चने के दाम अपने निचले स्तर से करीब ₹300 से ₹400 प्रति क्विंटल तक सुधर चुके हैं और बाजार के हालात इशारा कर रहे हैं कि यह तेजी आगे भी बनी रहेगी। दरअसल, सरकार अब तक 20 लाख टन से ज्यादा चने की खरीदारी कर चुकी है और माना जा रहा है कि आगे 2 से 5 लाख टन की अतिरिक्त सरकारी खरीद और हो सकती है, जिससे खुले बाजार में बिकने के लिए देसी चने की उपलब्धता काफी घट गई है; खासकर महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे मुख्य उत्पादक राज्यों में सीजन की शुरुआत में ही न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से ऊपर दाम पर बड़े पैमाने पर सरकारी खरीद होने के कारण अब खुले बाजार में चने का स्टॉक बहुत कम बचा है। चना बाजार में तेजी को चौतरफा समर्थन मिल रहा है क्योंकि एक तरफ किसान इस समय ऊंचे दामों की उम्मीद में ज्यादा माल बेचने को राजी नहीं हैं, तो दूसरी तरफ स्टॉकिस्ट आगे और मुनाफा कमाने के चक्कर में जमकर खरीदारी कर रहे हैं; वहीं जून-जुलाई में मानसून आते ही चना दाल और बेसन की जो मांग बढ़ती है, वह दिवाली तक लगातार बनी रहती है। इस साल पुराना बचा हुआ स्टॉक (कैरीओवर स्टॉक) भी बहुत कम है जिससे बाजार में चने की सप्लाई पहले से ही कमजोर है और यही वजह है कि बाजार के सारे संकेत सिर्फ और सिर्फ तेजी की तरफ इशारा कर रहे हैं। यहाँ तक कि विदेशों से आयात किया गया चना भी फिलहाल बाजार को कोई राहत नहीं दे पा रहा है; हालांकि देश के बंदरगाहों पर करीब 3 से 3.25 लाख टन आयातित चना मौजूद है, लेकिन आयातक भी बाजार का मजबूत रुख देखकर इसे कम कीमतों पर बेचने को तैयार नहीं हैं, ऊपर से डीजल की संभावित किल्लत और ट्रकों की कमी के चलते बंदरगाहों से माल को मंडियों तक पहुँचाने में दिक्कत आ रही है,
जिससे बाजार में चने की आवक और ज्यादा धीमी हो गई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हालात चने में तेजी का ही साथ दे रहे हैं, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया में नई फसल की बुआई तो शुरू हो गई है लेकिन एल नीनो के असर के चलते कम बारिश होने की आशंका बनी हुई है, जिससे अगर वहाँ बुआई का इलाका घटता है तो आने वाले महीनों में दुनिया भर में चने की सप्लाई पर दबाव और बढ़ सकता है, और बाजार इसी बात को ध्यान में रखते हुए जून के अंत तक ऑस्ट्रेलियाई फसल की सही स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
अगर पूरी तस्वीर को एक साथ देखें, तो देश में स्टॉक की भारी किल्लत, सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर की गई खरीद, मंडियों में कम आवक, त्योहारों और मौसम के हिसाब से मांग में आने वाली तेजी, आयातकों का माल न बेचने का अड़ियल रुख और अंतरराष्ट्रीय बाजारों की अनिश्चितता की वजह से चने का बाजार पूरी तरह से तेजी के मूड में है; और ऐसे में यदि सरकार अचानक खुले बाजार में बड़े पैमाने पर चना बेचना शुरू नहीं करती और मांग इसी रफ्तार से बनी रहती है, तो आने वाले दिनों में दिल्ली में चने के भाव ₹100 से ₹200 और उछलकर ₹6200 प्रति क्विंटल के आसपास पहुँच सकते हैं, जिसका साफ मतलब यही है कि मौजूदा परिस्थितियों में चने का बाजार अभी और तेज होने के संकेत दे रहा है। बाकी व्यापार अपने विवेक से करे।